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सेतु पत्रिका
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Monday, December 29, 2025
ग़ज़ल
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छोड़कर हमको प्रिये, ताउम्र पछताओगी तुम दिल हमारा तोड़कर, रहने कहाँ जाओगी तुम। फूल से चेहरे पे आँसू का लगा जैसे हुज़ूम, आईने में देखकर, खुद से ...
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Thursday, November 27, 2025
❤️ जीवन को भरपूर जिया, खुश हो कर हर पल ❤️
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( शब्द व चित्र: अनुराग शर्मा ) बचपन से तूफ़ानी लहरों में उतरने लगा था, घबराया जब भँवर में जीवन ठहरने लगा था। लहरें दुश्मन, तैरना आता नह...
10 comments:
Sunday, November 23, 2025
ग़ज़ल: आईना मारा गया 🪞
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( शब्द व चित्र: अनुराग शर्मा ) दोनों दिल ऐसे मिले, दिल का गिला सारा गया ये जग हमारा हो गया, मेरा-तिरा सारा गया॥ तेरी वफ़ा ने छू ...
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