Thursday, August 4, 2011

नव फ़्रांस में गांधी - इस्पात नगरी से - 44

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अंग्रेज़ों के कब्ज़े से पहले पिट्सबर्ग के किले फ़ोर्ट पिट का नाम फ़ोर्ट ड्यूकेन था और वह फ़्रांसीसी अधिकार क्षेत्र में था। जिस प्रकार भारत में अंग्रेज़ों ने फ़्रांसीसियों को निबटा दिया था उनका लगभग वैसा ही हाल अमेरिका में हुआ। यहाँ तक कि ब्रिटेन से स्वतंत्रता पाने के बाद भी अमेरिका में अंग्रेज़ी का साम्राज्य बना रहा। इसके उलट कैनैडा का एक बडा भाग आज भी फ़्रैंचभाषी है। जिस तरह संयुक्त राज्य के उत्तरपूर्वी तटीय प्रदेश का एक भाग न्यू इंगलैंड कहलाता है उसी तरह कैनैडा का एक क्षेत्र अपने को नव-फ़्रांस कहता है। आजकल (तीन अगस्त से सात अगस्त तक) कैनैडा के क्यूबैक नगर में नव-फ़्रांस महोत्सव चल रहा है। फ़्रांस में आज भले ही लोग आधुनिक वस्त्र पहनते हों, परंतु क्यूबैक में इस सप्ताह आप कहीं भी निकल जायें, आपको हर वय के लोग पुरा-फ़्रांसीसी या अमेरिकी-आदिवासी वस्त्र पहने मिल जायेंगे।

आइये, आपके साथ क्यूबैक की गलियों का एक चक्कर लगाकर देखते हैं कि यहाँ चल क्या रहा है।
आदिवासी ऐवम् फ़्रांसीसी

बच्चे, संगीतकार और तपस्वी

फ़्रैंच कुलीन का हैट पहने आदिवासी बच्ची 

दुकान के आगे तलवार भांजते सज्जन

फ़्रांसीसी भाषा में कोई ऐतिहासिक एकपात्री नाटक

हमारा तम्बू यहीं गढेगा


जॉर्ज वाशिंगटन से लेकर नेपोलियन तक जो पिस्टल चाहिये मिलेगी

सैनिक की आड में छिपा पाइरेट ऑफ़ दि कैरिबियन 

शाम की सैर

एक परिवार

सैकाजेविया?
आदिवासी और उसकी मित्र

The smartest Indian
शताब्दी का सबसे स्मार्ट भारतीय क्यूबैक संसद में  

सभी चित्र अनुराग शर्मा द्वारा :: Quebec photos by Anurag Sharma
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सम्बन्धित कड़ियाँ
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* इस्पात नगरी से - पिछली कड़ियाँ
* मेरे मन के द्वार - चित्रावली

17 comments:

  1. रोचक चित्रावली.

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  2. अच्छा लगता है ऐसे उत्सवों के विषय में जानकर.... सुंदर चित्र

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  3. इस ऐतिहासिक और सांस्कॄतिक जानकारी को चित्रों सहित देखना, जानना बहुत सुखद लगा, आभार.

    रामराम.

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  4. सुंदर चित्रों के साथ क्यूबैक की गलियों की सैर अच्छी रही ,
    आभार उपरोक्त पोस्ट हेतु.............

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  5. ये तो सचमुच किसी ऐतिहासिक और क्लासिक कथाओं के पात्र से प्रतीत होते हैं!!अविश्वसनीय!!

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  6. रोचक!
    सुन्दर-सजीव चित्र

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  7. वाह - क्या बात है !

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  8. आपने घर बैठे जलसे में शरीक कर दिया। आनन्‍द ही आनन्‍द। बहुत सुन्‍दर।

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  9. गांधीजी पूरी रौनक का आनन्द उठा रहे हैं।

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  10. इस सचित्र पोस्ट से नई जानकारियाँ मिली,आभार.

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  11. आनंद आ गया ...आशा है यह चित्र आगे भी मिलेंगे ! आभार आपका !

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  12. सुन्दर लगे किन्तु भारत जैसी भीड़ -भाड़ नहीं दिखी ! प्रस्तुति के लिए बधाई !

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  13. अच्छी जानकारी...चित्र भी बेहद सुन्दर लगे...

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  14. सुन्दर चित्रों के साथ बहुत अच्छी जानकारी मिली है आपकी इस पोस्ट से.
    बहुत बहुत आभार.

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  15. ऐसा लगा कि हम इतिहास में पहुँच गये हैं ।

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