Wednesday, February 16, 2011

वाट्सन आया [इस्पात नगरी से -36]


1964 में आरम्भ हुआ कार्यक्रम जेपर्डी (Jeopardy!) टीवी पर आने वाले सबसे पुराने सामान्य ज्ञान प्रहेलिका कार्यक्रमों में से एक है। कठिनाई से ही टीवी के सामने बैठने वाला मैं भी अपनी श्रीमती जी के कठोर अनुशासन में इस कार्यक्रम को नियमित सपरिवार देखता हूँ। ऐलेक्स ट्रेबैक की यजमानी वाले इस कार्यक्रम में तीन प्रतिस्पर्धी होते हैं जो विभिन्न श्रेणियों में पूछे गये अलग-अलग मूल्य के प्रश्नों के उत्तर देकर नकद पुरस्कार पाते हैं।

इस बार के कार्यक्रम में पिछ्ली प्रतियोगिताओं के दो महान चैम्पियन ब्रैड रटर (Brad Rutter) और कैन जेनिंग्स(Ken Jennings) को बुलाया गया था वाटसन (Watson) से मुकाबला करने। कार्यक्रम का यह प्रकरण क्रांतिकारी था क्योंकि वाटसन कोई व्यक्ति नहीं बल्कि आईबीएम द्वारा निर्मित ऐसा विशालकाय कम्प्यूटर (supercomputer) है जो मानव भाषा में पूछे गये प्रश्नों का निर्णायक उत्तर देने की क्षमता रखता है। तो क्या गूगल सर्च के बेतुके उत्तरों के दिन पूरे हो गये? आइये देखते हैं कि वाटसन ने कार्यक्रम में क्या किया?

आज जब पूछा गया कि किस भाषा की 4000 वर्ष पुरानी एक बोली "वैदिक" कहलाती है तो वाटसन ने तुरंत संस्कृत कहा। इस्पात नगरी से सम्बन्धित प्रश्न (सही उत्तर: पिट्सबर्ग) में वाटसन के सम्भावित उत्तरों में एक जमशेदपुर भी था। तीन दिन चले इस कार्यक्रम के दौरान कई रोचक तथ्य भी सामने आये। मसलन, कल के कार्यक्रम में "अमेरिकी नगरों" की श्रेणी में एक प्रश्न के उत्तर में वाटसन ने टोरंटो लिखा। सही उत्तर शिकागो था। शायद हम सभी एक स्वर में टोरंटो को "कैनाडा का नगर" कहेंगे परंतु सच्चाई यह है कि कैनाडा में केवल एक टोरंटो है जबकि सं. रा. अमेरिका में आठ नगरों का नाम टोरंटो है। उत्तर गलत था परंतु उस श्रेणी में वाटसन ने अपने अज्ञान को आंकते हुए केवल $947 का मामूली खतरा लिया था और कुल $35,734 जीतकर दोनों मानवों से आगे रहा। दोनों मानवों ने मिलाकर कुल $15,200 जीते। आश्चर्य नहीं कि वाटसन आज भी जीता और एक बडे अंतर के साथ इस प्रतियोगिता का चैम्पियन घोषित हुआ है। तीन दिन चले कार्यक्रम में तीनों विजेताओं की कुल आय क्रमशः $77,147 (वाटसन), $24,000 (केन) और $21,600 (ब्रैड) रही।

आइबीएम ने वाटसन के तीन दिन का विजेता होने के दस लाख डॉलर समेत समस्त पुरस्कार राशि को वर्डविज़न नामक स्वयंसेवी संस्था को दान देने की घोषणा की है। अन्य प्रतिस्पर्धी भी इस बार के कार्यक्रम की अपनी आय का आधा अपनी चहेती संस्थाओं को दान करेंगे।

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सम्बन्धित कड़ियाँ
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इस्पात नगरी से - पिछली कड़ियाँ
आई बी एम वाटसन का आधिकारिक पृष्ठ
जेपर्डी - आधिकारिक पृष्ठ
जेपर्डी पर अंग्रेज़ी विकीपीडिया पृष्ठ
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32 comments:

  1. क्या कहने! मगर खतरा तो मनुष्य पर ही मंडरा रहा है !

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  2. टाईटिल देखकर सोचा शायद सर डायल वाले डाक्टर वाट्सन आपके मेहमान बने हैं, लेकिन ये वाट्सन भी कम नहीं। और तो और गलती भी आदमी के जैसी ही करते हैं।
    आईबीएम को चाहिये कि आम जनता से भी प्रश्न आमंत्रित करे, जिनके जवाब मि.(?) वाट्सन से पूछे जायें।
    एकता कपूर या कोई और ऐसे कार्यक्रम से प्रेरणा नहीं लेते:)

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  3. @मगर खतरा तो मनुष्य पर ही मंडरा रहा है
    त्वरित समाधान का खतरा?

    @एकता कपूर या कोई और ऐसे कार्यक्रम से प्रेरणा नहीं लेते:)
    अनिल कपूर को तो ले आये भाई लोग, एकता (unity)की ज़रूरत तो हम भारतीयों को ज़्यादा है।

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  4. यह कार्यक्रम तो देखने का मन है......

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  5. हनारे यहां तो सास-बहू, भूत-प्रेत वाले सीरियल चलते हैं...

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  6. अच्छा जी , वहां भी चलता है कौन बनेगा करोड़ पति ?

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  7. @ वहां भी चलता है कौन बनेगा करोड़ पति?

    जी हाँ, वह भी है "हू वांट्स टु बी अ मिलियनेयर" के नाम से।

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  8. हमारे यहँा तो सास बहू के झगडो से ही फुर्सत नही

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  9. कार्यक्रम का प्रारूप तो अच्छा है शायद कुछ दिन बाद उसके प्रसारण अधिकार खरीद कर हम भारतीयों को भी दिखाया जाये | पर क्या वाट्सन भारत आएगा शायद नहीं कुछ दुसरे कार्यक्रमों की तरह कुछ फालतू के सेलिब्रिटी को वह ले जा कर खेलावायेंगे उसे रिकार्ड करेंगे और यहाँ रियलिटी शो के नाम पर परोस देंगे |

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  10. ख़बर रोचक है. पर AI जब तक सफल न हो जाए ये सब कुछ ख़ास नहीं लगता :)

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  11. @ वहां भी चलता है कौन बनेगा करोड़ पति?
    अजी यही की नकल कर के तो यह भारतीया प्रोगराम बनाते हे, भारत मे जो भी नया प्रोगराम आता हे वो यहां द्सो साल पहले शुरु हो चुका होता हे, बस यह एकता ओर अनेकता के वेसिर पेर वाले प्रोगरामो को छोड कर

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  12. पुस्तकीय ज्ञान में पुस्तक भी आगे है, व्यवहारिकता में मनुष्य की परख है।

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  13. बड़ी रोचक जानकारी दी आपने...



    अपनी बात कहूँ तो, ठीक है की मशीन सारी दुनिया की जानकारी अपने मेमोरी में रख सकता है....पर कुछ भी हो जाए,बनता तो इसे आदमी ही है न....

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  14. कार्यक्रम काफ़ी रोचक होगा.

    रामराम.

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  15. वाटसन इस फासले को बढ़ा भी सकता है ! एक उम्मीद कि शायद मनुष्य समय रहते चेत जाए !

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  16. आप भारत से आ गये?

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  17. इन जनाब वाटसन का फायदा क्या है ?

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  18. वाटसन भी तो इन्सान की ही उपज है .
    कौन बनेगा करोड्पति जैसे प्रोग्रामो से एक नुकसान मुझे यह हुआ अगर कोई प्रश्न करता है तो मै उससे ओपशन मान्गता हूं

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  19. जमशेदपुर वाली बात जानकर अच्छा लगा ...

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  20. यह क्‍या हो रहा है। मशीन बनानेवाला मनुष्‍य, मशीन से हार रहा है।

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  21. बहुत सुन्दर जानकारी ! ऐसा लगता है कि भविष्य यन्त्र मानवों का है ...

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  22. काफी जानकारी मिली यहाँ आकर...
    ______________________________
    'पाखी की दुनिया' : इण्डिया के पहले 'सी-प्लेन' से पाखी की यात्रा !

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  23. "अनिल कपूर को तो ले आये भाई लोग, एकता (unity)की ज़रूरत तो हम भारतीयों को ज़्यादा है।" :)

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  24. hmmmm.... if only they'd air ir in india too :(

    aath toronto...??? wow, ye to badhiya baat pata chali. u kno, i luv such shows, par yahan kahan....

    koi ni....aap update karte rahiyega ;)

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  25. @ Udan Tashtari

    @ रंजना, सैल
    सत्य वचन!

    @ विष्णु बैरागी
    मानव क्षमता का विस्तार तो वैज्ञानिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण उत्पाद है| किसान के हल से मानव से बेहतर जुताई और अंतरिक्ष यान से मानव से बेहतर गति अपेक्षित ही है.

    @ VICHAAR SHOONYA
    जानकारियों के अथाह भण्डार में से काम की जानकारी क्षणांश में ढूंढ सकना ही अपने आप में एक बड़ा लाभ है जिसका उपयोग स्वास्थ्य, शोध आदि में बखूबी किया जा सकता है.

    @ ali
    हमारे पूर्वजों ने तो "तमसो मा ज्योतिर्गमय" कहकर सदा ही आँखें खुली रखकर ज्ञान-विज्ञान का मार्ग प्रशस्त किया है.
    सत्यमेव जयते!

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  26. वाटसन की जीत को,मनुष्य की हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए,वाटसन बनाकर मनुष्य ही जीता है।
    कम्प्युटर और मनुष्य में यही अंतर सदैव रहेगा,स्मृति की अनंत क्षमताएं होते हुए भी मानव सारी सूचनाएं हुबहू ग्रहित संग्रहित नहीं कर पाता,और उसे विस्मृति की बिमारी भी होती है। जबकि कम्प्युटर के साथ यह समस्या नहीं है।

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  27. संस्कृत और जमशेदपुर सुन कर अच्छा लगा

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  28. रोचक है जानकारी ... भारत में तो अब सामान्य ज्ञान सम्बंधित प्रोग्राम ख़त्म से हो गए हैं ..

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  29. रोचक जानकारी मिली ...

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