Sunday, October 3, 2010

तुम जीयो हज़ारों साल

बहुत खास दिन है आज - खस्ता शेर वाले अतुल शर्मा का जन्म दिन


जन्म दिन शुभ हो अतुल!

प्रगति करो खुश रहो और खुशियाँ बांटो!

आम लोग - कविता

औसत व्यक्ति को दोयम दर्ज़े का कहकर दुत्कारने वालों को अक्सर मीडियोक्रिटी का रोना रोते सुना है। बहुत बार सुनने पर एक विचार मन में आया, प्रस्तुत है:

ईश्वर को साधारण प्रिय है
बार बार रचता क्यों वरना

खास बनूँ यह चाह नहीं है
मुझको भी साधारण रहना
न अति ज्ञानी न अति सुन्दर
मिल जाऊँ सबमें वह गहना

साधारण जन विश्व चलाते
नायक प्रभु कृपा हैं पाते
साधारण अधिनायक होते
अनहोनी सम्भव कर जाते॥

 

(अनुराग शर्मा)

Thursday, September 30, 2010

जय राम जी की!

रामजन्मभूमि 'विवादित स्थल' नहीं वरन रामजन्मभूमि है - न्यायालय।