An Indian in Pittsburgh - पिट्सबर्ग में एक भारतीय

अयं निज: परो वेति गणना लघुचेतसाम्, उदारमनसानां तु वसुधैव कुटुंबकम्

गीता प्रवचन (विनोबा)

तीन बच्चे राजधानी में

Saturday, July 11, 2009
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी सी में हर साल रंग भरने वाले चेरी ब्लोसोम जापान की और से अमेरिका को एक सुंदर उपहार हैं। इस साल जब पिट्सबर्ग के तीन बच्चों ने लावण्या जी के ब्लॉग पर चेरी ब्लोसोम के बारे में पढा तो उन्होंने वहाँ जाने विचार बनाया। ज़ाहिर है, बच्चों के साथ उनके माता-पिता भी गए और उन्होंने भी डी सी की इस यात्रा का पूरा आनंद उठाया। यात्रा की विस्तृत जानकारी किसी अगली पोस्ट में देने का प्रयास करूंगा, तब तक के लिए इन तीन बच्चों के चित्र प्रस्तुत हैं "I love DC" टी-शर्ट्स में


चेरी ब्लॉसम का एक वृक्ष


ट्यूलिप की क्यारी के सामने


इन भद्र महिलाओं ने अपने चित्र खिंचाने के लिए बच्चों को धकियाया था।


सफ़ेद घर के सामने [Outside White House]


गरमी में आइसक्रीम का आनंद



17 टिप्पणियाँ:

  1. विनोद कुमार पांडेय said...

    बच्चें ही है जो वास्तविक जीवन का आनंद लेते है..
    बाकी बड़ों मे तो बहुत कुछ बनावटी पन आ जाता है,

    सुंदर चित्रण..

    मुझे भी बचपन मे घूमना याद आ गया...

    बधाई हो!!!

    July 11, 2009 11:38 AM  

  2. dhiru singh {धीरू सिंह} said...

    bacco ke maa baap se bhi milvaye

    July 11, 2009 11:51 AM  

  3. डॉ. मनोज मिश्र said...

    bahut badhiya chitran hai.

    July 11, 2009 1:36 PM  

  4. दिलीप कवठेकर said...

    वाह.

    ये हुई ना कोई बात...

    अब सारी हिन्दी ब्लोग दुनिया एक कुटुम्ब है!!!!

    July 11, 2009 2:14 PM  

  5. राज भाटिय़ा said...

    बहुत सुंदर चित्र, वेसे हमारे यहां चेरी ब्लोसोम ऎसे ही दिखते है, बहुत सुंदर, बच्चे आप के लगते है, क्योकि रंग रुप से तो अपने से ही लगते है.
    धन्यवाद

    July 11, 2009 2:41 PM  

  6. डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

    चैरी ब्लोसम और बच्चों की चित्रमय प्रस्तुति मनमोहक है।
    इससे सम्बन्धित अगली पोस्ट का इन्तजार रहेगा।

    July 11, 2009 9:28 PM  

  7. Udan Tashtari said...

    चित्र ही सब कह गये!!

    July 11, 2009 9:35 PM  

  8. Dr. Smt. ajit gupta said...

    कृपया विस्‍तार से लिखिए तो कुछ समझ आए। राज भाटिया जी की बात में भी दम लगता है कि बच्‍चे अपने से लगते हैं। उनका भी परिचय दें।

    July 11, 2009 11:35 PM  

  9. ताऊ रामपुरिया said...

    वाह बहुत सुंदर और लाजवाब चित्र, बहुत शुभकामनाएं.

    रामराम.

    July 11, 2009 11:43 PM  

  10. लवली कुमारी / Lovely kumari said...

    bahut sundar chitra hain..lavanya ji ki wah post maine bhi padhi thi.

    July 11, 2009 11:53 PM  

  11. रंजन said...

    बहुत सुन्दर..

    July 12, 2009 2:57 AM  

  12. दिगम्बर नासवा said...

    बहुत सुंदर चित्र मनमोहक है............Bhai bachon se bhi to parichay karwaa den........

    July 12, 2009 3:49 AM  

  13. 'अदा' said...

    सुंदर चित्रण..
    बधाई हो!!!

    July 12, 2009 5:28 AM  

  14. awaz do humko said...

    सुंदर चित्रण..


    बधाई हो!!!

    July 12, 2009 5:46 AM  

  15. गौतम राजरिशी said...

    सुंदर चित्र अनुराग जी!
    भ्रमण-वर्णन सुनने की प्रतिक्षा में...

    July 12, 2009 12:00 PM  

  16. लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

    अभी देख रही हूँ प्यारे प्यारे बच्चोँ की तस्वीरोँ को :)
    उन्हेँ मेरे स्नेहाशिष दीजियेगा
    - लावण्या

    July 13, 2009 6:01 PM  

  17. ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

    बहुत सुन्दर! चेरी ब्लॉसम्स को आइसक्रीम खाते देख रहा हूं!

    July 14, 2009 2:22 AM  

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