Saturday, January 14, 2012

मकर संक्रांति की शुभकामनायें!

पिट्सबर्ग में उत्तरायण की सुबह के कुछ दृश्य और बचपन में जम्मू के लोहड़ी समारोहों में सुना एक गीत, जैसा, जितना याद रहा ...
हुल्ले नी माइ हुल्ले
दो बेरी पत्ता झुल्ले
दो झुल्ल पयीं खजूर्राँ
खजूराँ सुट्ट्या मेवा
एस मुंडे कर मगेवा
मुंडे दी वोटी निक्कदी
ओ खान्दी चूरी कुटदी
कुट कुट भरया थाल
वोटी बावे ननदना नाल
निन्नाँ ते वड़ी परजायी
ओ कुड़मा दे कर् आयी


खिड़की से बाहर उत्तरायणी प्रभात
पिछले वर्ष की लोहड़ी पर मैं भारत में था। लोहड़ी 2011 की शाम कुछ प्यारे-प्यारे बच्चों के साथ

27 comments:

  1. खूबसूरत बर्फीली छटा ....
    शुभकामनायें आपको !

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  2. वाह, मना कर अभी ही आ रहे हैं।

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  3. आप को भी बहुत बहुत शुभकामनाएँ.

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  4. बर्फ के बीच आत्मीयता की उष्णता से भरपूर शुभकामनाएँ, मकर संक्रांति की.. ये गीत मैंने बस अपने दोस्तों से सुना है जो पंजाब, हिमाचल या जम्मू आदि इलाकों से आते हैं!!

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  5. आपको भी उत्तरायण की ढेर सारी शुभकामनाएं

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  6. MAKAR SANKRANTI
    PARV KI BADHAI.
    UDAY TAMHANE
    VASHISHT
    BHOPAL.

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  7. आपको भी पर्व की ढेरों शुभकामनायें :-)

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  8. आपको बहुत बहुत शुभकामनायें !

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  9. पवित्र पर्व की शुभकामनाएं!

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  10. मकर संक्रांति की शुभकामनायें ..:)
    kalamdaan.blogspot.com

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  11. यहाँ तो सब कुछ सफ़ेद नज़र आ रहा है !
    जाने दिल्ली में कब पड़ेगी :)

    मकर संक्रांति की शुभकामनायें आपको ।

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  12. मकर संक्रान्ति की शुभ-कामनायें !
    (आज 15 की सुबह 7 बजे तक पर्व चल रहा है ).

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  13. आपको भी मकरसंक्रांति की ढेरों शुभकामनाएँ

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  14. मकर संक्रांति की बहुत बहुत बधाई ...

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  15. मकर संक्रान्ति की शुभकामनायें|

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  16. मकर संक्रांति के पर्व पर आपको भी शुभकामनाएं.

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  17. मकर संक्रान्ति की शुभ-कामनायें...

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  18. जयपुर में दो दिन मनाई गयी संक्रांति ..14 को पतंग उड़ने और डाल की पकौड़ियाँ और गुलगुले खाने की और 15 को पुण्यकाल होने के कारण दान-पुण्य की !
    आपको भी इस पर्व की बहुत शुभकामनायें !

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  19. बहुत अच्‍छी पोसट .. आपके इस पोस्‍ट से हमारी वार्ता समृद्ध हुई है .. आभार !!

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  20. मकर संक्रान्ति की शुभ-कामनायें...

    jai baba banaras............

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  21. वाह... बचपन में मैंने भी सुना था यह गीत!

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  22. ओह, याद आया जब हम बचपन में दिल्ली में रहते थे और यह गा गा कर लोहड़ी मांगा करते थे!

    मेमोरी लेन में पीछे ले गयी यह पोस्ट!

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  23. लोक गीत का भावार्थ भी दे देते तो अधिक आनन्‍द आता। मालवा में इस तरह सक्रान्ति नहीं मनाई जाती। लोहडी तो यहॉं की परम्‍पराओं में है ही नहीं।

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  24. :) बसंत पंचमी की शुभकामनायें।

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