Saturday, December 6, 2008

आग मिले - कविता

टूटे हैं तार सब सितारों के
गीत बनता नहीं न राग मिले

दिल तो सूना है फ़िर भी जिंदा हैं
ज़िंदगी का कोई सुराग मिले

खुशियाँ रूठी हैं जबसे तुम रूठे
वापसी हो तो फ़िर बहार मिले

दिल में वैराग सा उफनता रहा
तुम जो आओ तो अनुराग मिले

लाश मेरी ये जल नहीं सकती
बर्फ पिघले तो थोडी आग मिले।

(~अनुराग शर्मा)

23 comments:

  1. " अजीब सा इतफाक हो गया आज तो लगता है "
    टूटे हैं तार सब सितारों के
    गीत बनता नहीं न राग मिले
    हर गीत अधुरा तुम बिन मेरा,
    साजों मे भी अब तार नही.." क्या कहेंगे आप???

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  2. दिल तो सूना है फ़िर भी जिंदा हैं
    ज़िंदगी का कोई सुराग मिले।

    बहुत खूब।

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  3. दिल में वैराग सा उफनता रहा
    तुम जो आओ तो अनुराग मिले

    बहुत बढ़िया ...

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  4. बर्फ पिघले तो थोडी आग मिले।

    सबको थोड़ी सी बर्फ पिघलने का इंतेज़ार है.. बहुत खूब कहा आपने

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  5. लाश मेरी ये जल नहीं सकती
    बर्फ पिघले तो थोडी आग मिले।

    सर जी, ये एक शेर ही काफ़ी है आज के लिए. बहुत ही बढ़िया.

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  6. बहुत उम्दा रचना है।बधाई।

    दिल में वैराग सा उफनता रहा
    तुम जो आओ तो अनुराग मिले

    लाश मेरी ये जल नहीं सकती
    बर्फ पिघले तो थोडी आग मिले।

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  7. लाश मेरी ये जल नहीं सकती
    बर्फ पिघले तो थोडी आग मिले।
    good composition
    regards

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  8. ज़िंदगी का सुराग ढूंढ़ लिया आपने।

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  9. दिल तो सूना है फ़िर भी जिंदा हैं
    ज़िंदगी का कोई सुराग मिले।
    बहुत सुंदर!!!!

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  10. लाश मेरी ये जल नहीं सकती
    बर्फ पिघले तो थोडी आग मिले।

    यूँ तो सारी ही पंक्तियाँ सुंदर हैं
    पर ये पंक्तियाँ लाजवाब हैं

    अच्छी शायरी को सलाम

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  11. पत्थरों को रगड़ कर दिखाओ दोस्तों
    बर्फ पिघलाने को कुछ आग चाहिए।

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  12. यूँ तो सारी ही पंक्तियाँ सुंदर हैं
    पर ये पंक्तियाँ लाजवाब हैं

    लाश मेरी ये जल नहीं सकती
    बर्फ पिघले तो थोडी आग मिले।

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  13. बहुत सुन्दर लिखा है। वाह

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  14. दिल में वैराग सा उफनता रहा
    तुम जो आओ तो अनुराग मिले
    ------
    वाह! वैसे विराग और अनुराग - दोनो के मूल में राग है!

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  15. खुशियाँ रूठी हैं जबसे तुम रूठे
    वापसी हो तो फ़िर बहार मिले

    दिल में वैराग सा उफनता रहा
    तुम जो आओ तो अनुराग मिले

    सुन्दरतम अभिव्यक्ति ! लाजवाब ! शुभकामनाएं !

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  16. वाह ! वाह ! वाह ! बहुत ही सुंदर भावाभिव्यक्ति. सुंदर रचना पठान की सुअवसर हेतु आभार.

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  17. टूटे हैं तार सब सितारों के
    गीत बनता नहीं न राग मिले...
    बहुत सुंदर कविता.
    धन्यवाद

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  18. 'तुम जो आओ तो अनुराग मिले'
    सुन्‍दर भावनाएं । उदासी में भी उत्‍फुल्‍लता । सुन्‍दर ।

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  19. tum ek baar kuch kehdo to aane ka marg mile. Sundar rachna, bahut bahu badai.

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  20. बेहतरीन सोच के संग रुच कर रची गयी यह कृति मन को छूती है !

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  21. लाश मेरी ये जल नहीं सकती
    बर्फ पिघले तो थोडी आग मिले।

    क्या बात कही है अनुराग जी !!

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